स्टेफेन हॉकिंग

स्टेफेन हॉकिंग : 1 अनोखी प्रेम-कहानी

वैज्ञानिक

स्टेफेन हॉकिंग (Stephen Hawking : An Strange Love Story )

हम हमेशा ये जानने के लिए उत्सुक रहते है कि , इस बार क्रिकेट में कौन जीता ? किसने सबसे ज्यादा रन या विकेट लिए या फिर फुटबॉल, टेनिस तथा अन्य खेल में भारत की जीत हुई या नहीं ? यह सब जानकारी रखना बहुत अच्छी बात है।
यहाँ तक हम अभिनेता -अभिनेत्री के विषय में भी पूरी जानकारी रखते है।


परन्तु क्या हमने कभी उन वैज्ञानिकों के बारे में जीवन के बारे में जानने की कोशिश की है जिन्होंने कई खोज किए है। विश्व को विज्ञान की दुनिया से रूबरू कराया , लोगो के जीवन को सरल बनाने के लिए आराम देने के लिए नई- नई तकनिकी सुविधा उपलब्ध कराई।

ये सब करने के लिए उन्होंने अपने जीवन के कितने दिन गवाएं , कितने बलिदान दिए क्या-क्या सहा , क्या हम जानते है ,ना ?
आज में आपको ऐसे ही एक वैज्ञानिक की सच्ची प्रेम गाथा बताने जा रही हूँ , ,जिनका नाम स्टेफेन हॉकिंग हैं।

स्टेफेन एक लड़के का नाम है जो इंग्लैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज में रिसर्च की पढाई कर रहा थ। इसी यूनिवर्सिटी में एक दिन पार्टी चल रही थी जिसके दौरान स्टेफेन की मुलाकात जैन हॉकिंग से होती है। और हम यह भी कह सकते है कि यहीं से इनके प्यार की शुरुआत हो जाती हैं।
स्टेफेन उससे बात करना सुरु करता ह। तब उसे पता चलता है कि जैन लिटरेचर की विद्यार्थी है। जबकि स्टेफेन एस्ट्रो फिजिक्स का विद्यार्थी है , इन दोनों के विषय अलग होने के साथ साथ ईश्वर के प्रति दोनों की राय भी अलग -अलग हैं। जैन ईश्वर पे बहुत विश्वास करती थी ;जबकि स्टेफेन ईश्वर पे विश्वास नहीं करता था ।


जैन उससे पूछती है कि अंतरिक्ष , तारों के बारे में पढ़ाई करनेवाले लोग किसपर विश्वास करते हैं, स्टेफेन उसे बताता है कि एक ऐसे समीकरण पर जो ब्रम्हांड के हर एक वस्तू को स्पष्ट कर दे। जैन पूछती है वो समीकरण क्या है तब स्टेफेन बोलता है वही तो पता करना है,हालांकि उनकी सोच अलग थी परन्तु वो एक दूसरे की ओर आकर्षित होने लगते ह। और ये आकर्षण प्यार में बदल जाता हैं , स्टेफेन जैन को अपने माता -पिता से मिलवाता हैं।
स्टेफेन एक बहुत ही होनहार विद्यार्थी था , परन्तु उसने अभी सोचा नहीं था कि वह कौनसे विषय पर थीसिस लिखेगा । जिसके वजह से उनके शिक्षक भी चिंतित रहते थे।
उनके शिक्षक स्टेफेन से कहते है कि लंदन में गणितज्ञ का भाषण है जिसमे उसे भी बाकी विद्यार्थियों के साथ जाना है। यह भाषण ब्लैक होल के बारे में थ। वह अनुमान लगाता है कि, हो सकता है,कि ब्रम्हांड के निर्माण में ब्लैक होल का हाथ हो। फिर वह ब्लैक होल पर थीसिस बनाने का इरादा करते हैं।
और एक दिन जब वह इस विषय पर ब्लैकबोर्ड पर पढाई कर रहा होता है ,तब उसके हाथ कांपने लगते हैं ,और वह चाहकर भी कुछ लिख नहीं पाता हैं ,इस बात से वह घबराकर अपनी कक्षा से बाहर आ जाता है और अचानक से वह जोर से जमीन पे गिर जाता है.जब उसकी ऑंखे खुलती है तब वो अपने आपको अस्पताल में पाता है। डॉक्टर उसे बताते हैं , कि उसे मोटर न्यूरॉन बीमारी है।

स्टेफेन हॉकिंग


यह बहुत खतरनाक बीमारी है जिसमे इंसान का पूरा शरीर अपंग हो जाता है, ना वह वो बोल पाता है ना खा पाता है , यहाँ तक उसे साँस लेने में भी तकलीफ होती है, डॉक्टर उससे बताते हैं ,तुम्हारे जिंदगी के सिर्फ दो साल ही बचे हैं।
वो डॉक्टर से पूछता है ,मेरे दिमाग का क्या होगा वो बताते है, तुम्हारा दिमाग वैसे ही चलेगा जैसे अभी चलता है लेकिन एक वक्त ऐसा आएगा जब तुम सोच तो पाओगे लेकिन बता नहीं पाओगे । स्टेफेन अपने आपको कमरे में बंद कर लेता है ,जैन उसे संपर्क करने की कोशीश करती है परतु बात नहीं हो पाती।


फिर वो स्टेफेन के घर जाती है ,और उसे पता चलता है कि स्टेफेन के पास सिर्फ दो साल बचे हैं, वो स्टेफेन से कहती है मैं तुमसे प्यार करती हूँ और आखिरी के दो साल में तुम्हारे साथ बिताना चाहती हूँ।
जैन , स्टेफेन के पिता से बात करती है परन्तु अपने बेटे का सच जानने के बाद वो राजी नहीं होते। परन्तु जैन मना लेती है.स्टेफेन और जैन की शादी हो जाती ह। कुछ समय बाद उनके घर एक लड़के का जन्म होता है। जिसका नाम रॉबर्ट रखते है। स्टेफेन अपने थीसिस पे भी काम कर रहे थे और उनका थीसिस उनके शिक्षक को पसंद आती है।


जिसका नाम बिग ब्रंच थ। स्टेफेन अब डॉक्टर स्टेफेन बन चुके थे। समय के साथ स्टेफेन का शरीर काम करना बंद कर रहा था। एक दिन वो सीढ़ियों से ऊपर की ओर जा रहे थे।

तभी उनका शरीर पूरी तरह झुक जाता है और ना ही ,अब वो अपने पैरों पर चल सकता है , इसलिए जैन उसके लिए व्हीलचेयर लाती हैं ,वक्त बीतने के बाद उनके घर फिर से एक लड़की का जन्म होता है जिसका नाम लूसी थ।
स्टेफेन की गर्दन पे उसका कोई नियत्रण नहीं उसकी गर्दन एक ओर झुकी रहती है।


एक दिन जब स्टेफेन स्वेटर पेहेन रहे थे ,तब उनकी गर्दन में वो अटक जाता है ,तब वो उस स्वेटर के अंदर आग देखते है, वो उन्हें विजिबिलिटी ऑफ़ ब्लैक होल का नाम देते है ,उनकी यह थ्योरी सबको बहुत पसंद आती है , हलांकि स्टेफेन की उम्र ज्यादा नहीं थी।
उनका स्वास्थ्य बिगडते जा रहा था ,और जैन को भी अपनी थीसिस पूरी करनी थी ।
परन्तु अपने बच्चों में , स्टेफेन में इतना व्यस्त रहती थी कि उसे समय नहीं मिल पाता था। वो इन सबसे परेशान होकर अपने माँ से मिलने जाती है।
माँ उसे चर्च में जाने की सलाह देती हैं ,इसी दौरान उसकी मुलाकात जोनाथन से होती है जो की एक म्यूजिक टीचर है,उसकी भी पत्नी का देहांत हो चूका थ। जैन अपने बच्चो को पियानो सीखने के लिए उसे अपने घर पे बुला लेती है। वहां पर वो स्टेफेन से मिलता है ,घर से जाते हुए वो कहता है ,अगर तुम दोनों को मेरी कोई भी जरुरत हो तो बोल देना मैं आ जाऊंगा ।


स्टेफेन कहता है जैन से अगर कोई उसकी मदद करना चाहता है ,तो वो कर सकता है क्यों कि वह जानता है कि उसकी शारीरिक हालात ऐसे नहीं है कि, वो किसी भी तरह से जैन की मदत कर सके। स्टेफेन कहीं भी ,आ-जा भी नहीं सकता। उसके साथ वो यह कहना चाहता था।

अगर जैन किसी का साथ भी चाहती है तो उसे कोई समस्या नहीं है। धीरे-धीरे जोनाथन उनके परिवार का हिस्सा बन जाता है। वह बच्चे और स्टेफेन से भी घुलमिल जाता है। उसका ध्यान रखता है।


जैन और जोनाथन भी दोस्ती गहरी हो जाती ह। कुछ दिन बाद फिर उनके घर एक बच्चे का जन्म होता है जिससे लोग जैन पर सवाल उठाने लगते । क्योंकिं स्टेफेन की शारीरिक अवस्था ठीक नहीं है ये बात सब जानते थे ,जैन की माँ भी उससे पूछती है क्या यह बच्चा जोनाथन का है वो साफ- साफ़ मना कर देती है।


जोनाथन ये बात सुन लेता है और जाने लगता है। जैन उसे रोकने लगती है और बोलती है मुझे और मेरे बच्चो और स्टेफेन को भी तुम्हारी जरुरत है। लेकिन जोनाथन चला जाता है और जाते जाते बोलता है में तुम्हारे लिए कुछ महसूस करता हूँ ,जैन भी यही बात बोलती है।
और जोनाथन वहां से चला जाता है।

स्टेफेन को एक दिन ओपेरा देखने के लिए निमंत्रण आता है। स्टेफेन कहता है तुम्हे मेरे साथ आने की जरुरत नहीं ,मेरे विद्यार्थी मुझे ले जायेंगे और तुम बच्चो को लेके कैंपिंग के लिए जाओ।

जैन बोलती है मैं अकेले सब नहीं संभाल सकती। स्टेफेन कहता है कि तुम्हे जोनाथन को बुलाना होगा।वो बोलती है वो अब नहीं आएगा । तब स्टेफेन खुद जोनाथन से मिलने चर्च जाता है ।
वो जोनाथन से कहता है कि जैन को तुम्हारे जरुरत है क्योंकि ,वो तरह से सोचता है वह स्वार्थी नहीं है। जैन की भावनाओ को समझता ह।
इसके बाद जैन जोनाथन और बच्चो के साथ कैंपेन के लिए जाती है। और स्टेफेन ओपेरा के लिए।


अचानक स्टेफेन की तबियत ख़राब होने लगती ह। उसे अस्पताल लेके जाते है निमोनिआ निमोनिआ हो जाता है। जैन आती है और डॉक्टर उसे बताते है कि हमें स्टेफेन के गले में होल करना होगा। जिससे वो खायेगे परन्तु इससे वो अपनी बोलने की शक्ति खो देंगे .जैन ऑपरेशन के लिए मान जाती है क्योंकि वह चाहती है ,स्टेफेन ज्यादा दिन तक जियें , स्टेफेन का ऑपरेशन हो जाता है , और वह अब बोल नहीं सकते।
ना ही वो खाना खा सकते थे।
अपनी बातों को समझाने के लिए जैन उनके लिए स्पेलिंग बोर्ड लाती है। और उन्हें पढ़ना सिखाती है ताकि इशारे के जरिये वो अपनी बात लोगों को समझा सकें। उनके देखभाल के लिए एक नर्स आती है जिनका नाम इलाइने मेसन होता है।


एलीन से वोवो स्पेलिंग बोर्ड के जरिये इशारों में बात करते और एक दूसरे से घुलमिल जाते हैं। अब स्टेफेन को स्पेलिंग बोर्ड का सहारा नहीं लेने पड़ता क्यूँ कि उनके लिए वॉइस सिंथेसाइज़र लाया जाता है। जिसका रिमोट उनके हाथ में होता है जो भी टाइप करंगे कंप्यूटर उसको रोबोटिक वॉइस में रूपांतरित कर देती है। जिसे लोग सुन सकें।
.इस मशीन के जरिये एक किताब लिखते हैं , जिसका नाम होता ,’अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम ‘जो आगे चलकर इंटरनेशनल बेस्ट सेलर बुक बन जाती है। उन्हें अमेरिका अवार्ड लेने के लिए बुलाया जाता है।


वो ये बात जैन को बताते है और यह भी बताते है की अपनी नर्स को भी अपने साथ ले जायेंग।
जब जैन यह बात सुनती है वह समझ जाती है अब उनकी शादी का कोई मतलब नहीं। हमारी शादी अब नाम मात्र रह गयी है पति पत्नी का कोई रिश्ता नहीं बच। इनके बीच में जो प्यार और अहसास था। अब वो पूरी तरह ख़त्म हो चूका था।

वो एक दूसरे को देखते हैं और रोते है! क्यूंकि वो समझते हैं , कुछ चीजें हमारे हाथ में नहीं होती! फिर वो दोनों तलाक लेने का फैसला करते हैं ,तलाक होने के बाद जैन जोनाथन के पास चली जाती है । और स्टेफन अपनी नर्स के साथ अमेरिका चला जाता है! वहाँ स्टेफेन का बहुत मान सम्मान होता है! वहाँ उसे विद्यार्थियों के सामने भाषण देने को बुलाया जाता है।

तब वहाँ से वो वापस इंग्लॅण्ड लौट आता ह। इंग्लॅण्ड आने के बाद महारानी उसे अपने रॉयल पैलेस में बुलाती हैं , क्यूंकि विज्ञान के क्षेत्र में जो उन्होंने उप्लभ्धियाँ पायी है ,और देश का नाम रोशन किया है उसके लिए उन्हें ‘ऑनर ऑफ़ द कम्पैनियन ऑफ’ ऑनर से सम्मानित किया किआ जायेगा। वह अपने साथ जैन और बच्चों को भी लेके गए।

जैन स्टेफेन को कहती है यदि तुम यह सम्मान नहीं लेना चाहते तो मना कर दो क्योंकि सरकार विज्ञानं फंडिंग बहुत कम देती है।
.वो सम्मान लेने से मना कर देता ह। हालाँकि अब जैन और स्टेफेन पति -पत्नी नहीं रह। लेकिन वो जैन के योगदानो को नहीं भुला सकते वो उसका बहुत सम्मान करते है।
इसलिए स्टेफेन रॉयल पैलेस में अपने साथ जैन को भी लाये। फिर स्टेफेन रॉयल पैलेस के गार्डन में बैठ के जैन से कहता है वो देखो हमने क्या बनाया , सामने उनको तीनो बच्चे खेल रहे होते है। मतलब एक दूसरे से अलग होने के बाद भी कहीं ना कहीं , किसी ना किसी तरह एक दूसरे से जुड़े हैं।
अंत में स्टेफेन और जैन हमेशा के लिए एक दूसरे के दोस्त बने रहे। जैन जोनाथन से शादी कर लेती है और साथ में उसकी थीसिस भी पूरी हो जाती है !
स्टेफेन भी अपनी नर्स के साथ शादी कर लेते हैं। जैन ने जो हिम्मत दिखाई है और प्यार की एक अनोखी परिभाषा बताई है जो सायद ही कोई कर सके।

स्टेफन ने भी इतनी कठिनाइयों का सामना करते हुए शरीर का साथ छोड़ देने पर भी अपनी उम्मीद नहीं टूटने दी और विज्ञान की दुनिया में अपना और अपने देश का नाम किआ। इंसान के जीवन में कितनी भी कठनाइयां , आये उसे हार नहीं मानना चाहिए उनका सामना कर अपने मंजिल की और बढ़ना चाहि। यह कहानी सच्चे प्यार के साथ जिंदगी के सत्य से भी रूबरू कराती है।

Juhi Kesharwani
Author: Juhi Kesharwani